शिक्षा में लूट आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच की मांग, हरवीर सिंह भारतीय ने डीएम-एसपी कार्यालय में सौंपा ज्ञापन
सत्याग्रह स्थल हटाने, कई घंटे निरुद्ध रखने और मोबाइल कब्जे में लिए जाने की भी जांच कीमांग

कासगंज। शिक्षा को लूट से मुक्त कराने की मांग को लेकर चलाए जा रहे जन आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर को लेकर हरवीर सिंह भारतीय ने निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर पूरे घटनाक्रम की वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की निगरानी में जांच कराने तथा महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की।
ज्ञापन के अनुसार, ‘शिक्षा को लूट से मुक्त करो जन आंदोलन’ के तहत 6 सितंबर से अम्बेडकर पार्क, सोरों गेट, कासगंज में शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से सत्याग्रह किया जा रहा था। हरवीर सिंह भारतीय का कहना है कि 16 सितंबर को करीब सुबह 9:30 बजे प्रशासन द्वारा सत्याग्रह स्थल हटाया गया। इस दौरान उन्हें और उनके साथ मौजूद दो अन्य साथियों को कई घंटे तक पुलिस द्वारा निरुद्ध रखा गया। उनका कहना है कि करीब शाम 4:30 बजे तक उन्हें स्वतंत्र रूप से वहां से जाने की अनुमति नहीं थी तथा उनका मोबाइल फोन भी पुलिस ने कब्जे में लिया।

ज्ञापन में कहा गया है कि इसी दिन रात करीब 11:20 बजे थाना कासगंज में प्राथमिकी संख्या 0563/2026 दर्ज की गई, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2), 126(2), 308(2) और 352 लगाए जाने का उल्लेख है। हरवीर सिंह भारतीय ने प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों से असहमति जताते हुए कहा है कि वह कानून एवं जांच की वैधानिक प्रक्रिया में सहयोग के लिए तैयार हैं, लेकिन पूरे मामले की जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और साक्ष्य आधारित होनी चाहिए।
थाना परिसर की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने की मांग
ज्ञापन में 16 सितंबर को थाना परिसर में हुई घटना की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। हरवीर सिंह भारतीय के अनुसार, उस दिन सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच थाना परिसर में निजी विद्यालयों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य/प्रतिनिधि तथा जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) मौजूद थे। उन्होंने इस अवधि की उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने, उपस्थित लोगों एवं पुलिस अधिकारियों के बयान दर्ज करने तथा पूरे घटनाक्रम की क्रमवार जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने यह भी मांग की है कि उन्हें और उनके साथ मौजूद दो अन्य साथियों को किस वैधानिक आधार अथवा आदेश के तहत निरुद्ध किया गया, इसकी जांच की जाए। इसके लिए जीडी/रोजनामचा प्रविष्टि, संबंधित अभिलेख और पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी का विवरण जांच में शामिल करने की मांग की गई है।
मोबाइल फोन कब्जे में लिए जाने की भी जांच
ज्ञापन में मोबाइल फोन कब्जे में लिए जाने की परिस्थितियों और उसके वैधानिक आधार की जांच कराने की मांग भी की गई है। मोबाइल अथवा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से संबंधित Chain of Custody का विधि के अनुसार रिकॉर्ड बनाए रखने तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की गई है।
हरवीर सिंह भारतीय ने मांग की कि जांच केवल एफआईआर में दर्ज घटना तक सीमित न रहे, बल्कि 6 सितंबर से 16 सितंबर तक सत्याग्रह शुरू होने से लेकर स्थल हटाए जाने, निरुद्ध किए जाने और एफआईआर दर्ज होने तक के पूरे घटनाक्रम की क्रमवार जांच की जाए।
उन्होंने स्वतंत्र जांच के लिए अभिभावकों, स्थानीय नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों, प्रत्यक्षदर्शियों एवं अन्य स्वतंत्र लोगों के बयान दर्ज करने तथा उपलब्ध फोटो, वीडियो, ऑडियो और सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उद्देश्य नहीं है, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने के लिए निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराना उद्देश्य है।
Author: Soron Live 24

