द्वारिकाधीश मंदिर में महिलाओं ने किया सप्तऋषियों का पूजन-अर्चन
ऋषि पंचमी पर गंगा स्नान कर महिलाओं ने रखा व्रत, विधि-विधान से हुआ सप्तऋषियों का अभिषेक

सोरों, कासगंज। तीर्थ नगरी सोरों (शूकर क्षेत्र) में ऋषि पंचमी का पर्व श्रद्धा और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर द्वारिकाधीश मंदिर में महिलाओं ने सप्तऋषियों का विधि-विधान से पूजन-अर्चन एवं अभिषेक किया। महिलाओं ने गंगा स्नान कर व्रत रखा और परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना के लिए सप्तऋषियों की पूजा की। मंदिर सेवायत पंडित सुशील गौड़ ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई।
ऋषि पंचमी के अवसर पर सुबह से ही तीर्थनगरी के मंदिरों में धार्मिक माहौल नजर आया। महिलाओं ने गंगा स्नान के बाद व्रत रखा और सप्तऋषियों की स्थापना कर गंध, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य आदि से पूजन किया। श्रद्धालुओं ने सप्तऋषियों को अर्घ्य अर्पित कर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए।
तीर्थनगरी के आचार्य पंडित राहुल वाशिष्ठ ने बताया कि ब्रह्मपुराण में भाद्रपद शुक्ल पंचमी को ऋषि पंचमी का उल्लेख मिलता है। इस दिन कश्यप, अत्रि, भरद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ ऋषियों की सप्तऋषियों के रूप में पूजा की जाती है।
उन्होंने बताया कि ऋषि पंचमी पर गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु सप्तऋषियों का पूजन कर अर्घ्य अर्पित करते हैं। धार्मिक परंपरा के अनुसार इस दिन बिना बोए पैदा होने वाले शाक आदि का आहार किया जाता है तथा ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए व्रत रखा जाता है।
मान्यता है कि सात वर्ष तक ऋषि पंचमी का व्रत करने के बाद आठवें वर्ष में सप्तऋषियों की सात मूर्तियां बनवाकर कलश स्थापना एवं विधि-विधान से पूजन किया जाता है। इसके बाद सात गोदान तथा सात युग्मक ब्राह्मणों को दक्षिणा सहित भोजन कराकर व्रत का उद्यापन किया जाता है।
द्वारिकाधीश मंदिर में सप्तऋषियों के अभिषेक और पूजन के दौरान महिलाओं ने श्रद्धा भाव से धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। पूजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा और श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
Author: Soron Live 24

