डीआईओएस के आदेश भी बेअसर, हाईवे के सामने गेट खुलने के इंतजार में खड़े रहे 40-50 छात्र-छात्राएं

डीआईओएस के आदेश भी बेअसर, हाईवे के सामने गेट खुलने के इंतजार में खड़े रहे 40-50 छात्र-छात्राएं

संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज में छात्र सुरक्षा से खिलवाड़ का आरोप, आईजीआरएस शिकायत के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था; गेट के बाहर विद्यार्थियों की भीड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।

सोरों/कासगंज। संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज, सोरों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। आईजीआरएस पर शिकायत के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक, कासगंज द्वारा कॉलेज के प्रधानाचार्य को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाने के बावजूद विद्यार्थियों का आवागमन हाईवे के सामने स्थित गेट से लगातार जारी है। बुधवार को तो स्थिति और भी गंभीर नजर आई, जब कासगंज गेट स्थित हाईवे के सामने वाले गेट पर करीब 40 से 50 छात्र-छात्राएं पैदल और साइकिलों से पहुंचकर आधे घंटे से अधिक समय तक गेट खुलने का इंतजार करते रहे।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कॉलेज प्रशासन द्वारा हाईवे की ओर स्थित गेट को बंद कर दिया गया था। बताया गया कि कुछ छात्र देर से पहुंचे थे, जबकि कुछ छात्र-छात्राएं निर्धारित ड्रेस में कॉलेज नहीं आए थे। इसी कारण गेट बंद कर दिया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी हाईवे के सामने ही गेट खुलने का इंतजार करते रहे।

सबसे गंभीर सवाल यह है कि यदि हाईवे के सामने छात्र-छात्राओं की भीड़ लगातार इसी तरह एकत्रित होती रही तो तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार कैसे किया जा सकता है? विद्यार्थियों के गेट के बाहर खड़े रहने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्थानीय लोगों में कॉलेज प्रशासन के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है।

आईजीआरएस शिकायत के बाद डीआईओएस ने दिए थे स्पष्ट निर्देश

दरअसल, विद्यालय के मुख्य द्वार पर अतिक्रमण और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर आईजीआरएस पर शिकायत की गई थी। शिकायत में कहा गया था कि मुख्य गेट से विद्यार्थियों का आवागमन बाधित होने के कारण उन्हें करीब 400 मीटर दूर हाईवे वाले गेट से आना-जाना पड़ता है। शिकायत में सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान हाईवे पर बढ़ने वाले भारी वाहनों और कांवड़ियों के दबाव के चलते विद्यार्थियों के साथ दुर्घटना की आशंका भी जताई गई थी।

शिकायत के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक, कासगंज ने संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य को पत्र जारी कर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के संबंध में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि सुरक्षा उपायों के तहत छात्र-छात्राओं का आवागमन हाईवे वाले गेट से न कराया जाए तथा बस स्टैंड के सामने स्थित गेट को विद्यार्थियों के नियमित और सुरक्षित आवागमन के लिए खोला जाए।

जिला विद्यालय निरीक्षक ने विद्यालय के मुख्य द्वार की साफ-सफाई, रंग-रोगन और संस्था के नाम की स्पष्ट पट्टिका लगाने के निर्देश भी दिए थे। साथ ही मामले में दो दिवस के भीतर साक्ष्यों सहित आख्या उपलब्ध कराने के लिए भी निर्देशित किया गया था।

कांवड़ यात्रा खत्म, लेकिन सुरक्षा का सवाल बरकरार

हालांकि कांवड़ यात्रा अब पूर्ण हो चुकी है, लेकिन विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर उठाया गया मूल सवाल आज भी जस का तस बना हुआ है। हाईवे के सामने स्थित गेट से छात्र-छात्राओं का आवागमन और गेट बंद होने पर वहीं विद्यार्थियों की भीड़ जमा होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

हाईवे हादसे में छात्र की मौत का हवाला देकर गोविंद तिवारी ने उठाए सवाल

शिकायतकर्ता गोविंद तिवारी ने कहा कि हाईवे पर 2 सितंबर को सड़क दुर्घटना में एक छात्र की मौत हो चुकी है, जो भागीरथी इंटर कॉलेज में पढ़ता था। उन्होंने कहा कि इस घटना को देखते हुए संत तुलसीदास म्युनिसिपल इंटर कॉलेज प्रशासन को भी विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता बरतनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि हाईवे वाले गेट से छात्र-छात्राओं का आवागमन न कराया जाए, तो उसके बाद भी इस गेट से विद्यार्थियों को बुलाना और निकालना समझ से परे है। उन्होंने मांग की कि रोडवेज बस स्टैंड के सामने स्थित गेट से विद्यार्थियों के प्रवेश और निकासी की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से सुचारू कराई जाए।

अब सवाल डीआईओएस की कार्रवाई पर

बुधवार को हाईवे के सामने गेट पर 40 से 50 छात्र-छात्राओं के लंबे समय तक खड़े रहने की घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब विभागीय अधिकारी छात्र सुरक्षा को लेकर लिखित आदेश जारी कर चुके हैं, तो उसका पालन न करने पर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?

स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि हाईवे के सामने विद्यार्थियों की भीड़ जमा होती है और इसी दौरान कोई तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित होकर बच्चों की ओर आ जाता है, तो गंभीर हादसा हो सकता है। ऐसे में जिला विद्यालय निरीक्षक को पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेकर जिम्मेदारी तय करने और आदेश की अवहेलना करने वाले कॉलेज प्रशासन के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की जरूरत है, ताकि किसी अनहोनी से पहले व्यवस्था सुधारी जा सके।

Soron Live 24
Author: Soron Live 24

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