भांजी को ‘गंगा मैया’ मानकर प्रेमशंकर ने उठाई कांवड़, लहरा घाट पर दिखी भक्ति की अनोखी मिसाल

यूपी सोरों शूकर क्षेत्र। (सचिन उपाध्याय )श्रावण मास में जहां लाखों कांवड़िए गंगा जल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं, वहीं लहरा गंगा घाट से भक्ति और रिश्ते की एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। सोरों निवासी प्रेमशंकर कुशवाह ने अपनी छोटी भांजी सहजल को गंगा मैया का स्वरूप मानकर उसके साथ कांवड़ यात्रा का संकल्प पूरा किया।
प्रेमशंकर ने बताया कि सहजल के जन्म के बाद से उनके परिवार में खुशियां और सुख-समृद्धि आई है। इसी आस्था के चलते उन्होंने इस सावन में सहजल को गंगा मैया का स्वरूप मानकर उसके साथ गंगा जल भरने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि उनकी चार भांजियां हैं और वे सभी को बेहद प्यार करते हैं तथा देवी स्वरूप मानते हैं।
लहरा गंगा घाट पर प्रेमशंकर ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और सहजल को पालकी में बैठाकर गंगा जल से कांवड़ भरी। इसके बाद सहजल को साथ लेकर ‘हर हर महादेव’ के जयकारों के बीच कांवड़ यात्रा शुरू की।
इस अनोखे भक्ति भाव को देखने के लिए घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई। लोगों ने प्रेमशंकर की आस्था की सराहना करते हुए फूल बरसाए। पूरे समय सहजल शांत बैठी रही, जिसे देखकर श्रद्धालु भावुक हो उठे और इसे भक्ति का अद्भुत रूप बताया।
प्रेमशंकर ने कहा, “मेरी भांजी ही मेरे लिए गंगा मैया है। बच्चों का घर में आना खुशियां लेकर आता है। बाबा भोलेनाथ के आशीर्वाद से इस बार संकल्प लिया था कि मैया को साथ लेकर ही जल चढ़ाऊंगा।”
बाद में प्रेमशंकर ने सहजल के साथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। उनकी यह अनोखी आस्था अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। श्रद्धालु इसे भक्ति, विश्वास और मामा-भांजी के प्रेम का अनोखा संगम बता रहे हैं।
Author: Soron Live 24

