गहरे गंगा जल में फंसी गाय की जिंदगी बचाने उतरी खाकी, सोरों पुलिस ने किया साहसिक रेस्क्यू
वर्दी और जान की परवाह किए बिना पुलिसकर्मियों ने तेज बहाव के बीच बचाई बेजुबान की जान, प्रभारी निरीक्षक लोकेश भाटी ने खुद पानी में उतरकर संभाला मोर्चा

सोरों/कासगंज। खाकी केवल कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर बेजुबान जीवों की जिंदगी बचाने के लिए भी पुलिसकर्मी अपनी जान जोखिम में डालने से पीछे नहीं हटते। ऐसा ही मानवीय और साहसिक उदाहरण मंगलवार को लहरा घाट स्थित गंगा नदी में देखने को मिला।
11 अगस्त को लहरा घाट, गंगा जी सोरों से पुलिस को सूचना मिली कि एक गाय गहरे पानी में झाड़ियों के बीच रस्सी में फंस गई है और जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सोरों लोकेश भाटी के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
गंगा के गहरे पानी और तेज बहाव की परवाह किए बिना इंस्पेक्टर राम वकील, हेड कांस्टेबल शैलेंद्र कुमार, कांस्टेबल प्रशांत शर्मा एवं कांस्टेबल शगुन कुमार पानी में उतर गए। टीम ने काफी मशक्कत के बाद गाय को रस्सी के फंदे से मुक्त कर सुरक्षित बाहर निकाला।
बताया गया कि रेस्क्यू के दौरान प्रभारी निरीक्षक लोकेश भाटी ने स्वयं गहरे पानी में उतरकर गाय के पैर में फंसी रस्सी को हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तेज बहाव के बीच पुलिसकर्मियों के साहस और तत्परता से एक बेजुबान जीव की जान बच गई।
पुलिस टीम के इस मानवीय प्रयास की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि पुलिसकर्मियों ने जिस तरह अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना गंगा के गहरे पानी में उतरकर गाय को बचाया, वह मानवता, कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशील पुलिसिंग की मिसाल है।
प्रभारी निरीक्षक लोकेश भाटी ने कहा कि जनसेवा पुलिस की पहली प्राथमिकता है। इंसान हो या बेजुबान जीव, संकट में उसकी मदद करना हमारा कर्तव्य है।
सोरों पुलिस के इस साहसिक रेस्क्यू ने एक बार फिर साबित किया कि खाकी वर्दी के पीछे संवेदनशील दिल भी धड़कता है। पुलिस टीम के इस कार्य की क्षेत्र में खूब प्रशंसा हो रही है।
Author: Soron Live 24

