सोरों में आस्था का अद्भुत नजारा, नन्हे बच्चों ने भी लगाई दंडवत परिक्रमा

सोरों में आस्था का अद्भुत नजारा, नन्हे बच्चों ने भी लगाई दंडवत परिक्रमा

हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठी तीर्थनगरी, वराह मंदिर से हरि की पैड़ी तक श्रद्धालुओं ने की दंडवत परिक्रमा

कासगंज।( रिपोर्ट रवि श्रोतीय सोरों )तीर्थ नगरी सोरों शूकर क्षेत्र में सावन मास के दूसरे सोमवार को आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही आदि गंगा मां की हरि की पैड़ी और वराह मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। इस दौरान श्रद्धालुओं के साथ-साथ छोटे-छोटे बच्चों ने भी दंडवत परिक्रमा कर अपनी श्रद्धा और भक्ति का परिचय दिया।

सावन के दूसरे सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान वराह के दर्शन और पूजन के लिए तीर्थ नगरी सोरों पहुंचे। श्रद्धालुओं ने वराह मंदिर में पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए संकल्प लिया और इसके बाद दंडवत परिक्रमा का शुभारंभ किया। कई श्रद्धालु वराह मंदिर से हरि की पैड़ी आदि गंगा तक दंडवत परिक्रमा करते नजर आए।

नन्हे कदमों में दिखी अटूट आस्था

दंडवत परिक्रमा के दौरान सबसे आकर्षण का केंद्र छोटे-छोटे बच्चे रहे। नन्हे श्रद्धालु भी अपने परिजनों के साथ पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ दंडवत परिक्रमा करते दिखाई दिए। कई बच्चे बार-बार भूमि पर दंडवत होकर आगे बढ़ते और “हर-हर महादेव”, “बोल बम” के जयघोष करते नजर आए। बच्चों की भक्ति और उत्साह देखकर रास्ते से गुजर रहे अन्य श्रद्धालु भी भावविभोर हो उठे।

भक्ति में लीन नजर आए श्रद्धालु

परिक्रमा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालु भगवान शिव और भगवान वराह के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। कई श्रद्धालुओं ने पैदल परिक्रमा की तो अनेक भक्तों ने दंडवत परिक्रमा कर भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। धार्मिक वातावरण, जयघोष और भक्ति गीतों से पूरी तीर्थनगरी भक्तिमय नजर आई।

श्रद्धालुओं का कहना था कि सावन मास में भगवान शिव की आराधना और तीर्थ नगरी सोरों में आदि गंगा मां हरि की पैड़ी तथा भगवान वराह के दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व है। इसी आस्था के चलते दूर-दराज से भी श्रद्धालु सोरों पहुंचकर पूजा-अर्चना और परिक्रमा कर रहे हैं।

परंपरा और आस्था का संगम

तीर्थ नगरी सोरों शूकर क्षेत्र में धार्मिक परंपराओं के प्रति लोगों की गहरी आस्था देखने को मिली। बुजुर्गों से लेकर युवाओं और छोटे बच्चों तक हर कोई धार्मिक अनुष्ठानों में उत्साह के साथ शामिल हुआ। दंडवत परिक्रमा करते नन्हे बच्चों ने यह संदेश भी दिया कि धर्म और संस्कृति की परंपराएं नई पीढ़ी तक निरंतर पहुंच रही हैं।

दूसरे सोमवार को दिनभर सोरों की गलियों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। हरि की पैड़ी और वराह मंदिर क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल देर तक बना रहा।

Soron Live 24
Author: Soron Live 24

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *