बाढ़ के आगे नहीं झुका हौसला, नाव से स्कूल पहुंच रहे नन्हे सपनों के मुसाफिर
टापूनुमा गांवों के बच्चे हर दिन लहरों का इम्तिहान पार कर पहुंच रहे विद्यालय, शिक्षा के प्रति जज्बा बना मिसाल

कासगंज। गंगा की बाढ़ ने पटियाली तहसील के कई गांवों का सड़क संपर्क भले ही पूरी तरह तोड़ दिया हो, लेकिन स्कूली बच्चों के हौसले को नहीं डिगा सकी। नगला दुर्जन, मूजखेड़ा सहित कई टापूनुमा गांवों के विद्यार्थी रोज नाव के सहारे उफनते पानी को पार कर विद्यालय पहुंच रहे हैं। उनके इस जज्बे ने पूरे क्षेत्र के लोगों को प्रेरित किया है।
पिछले दिनों गंगा के बढ़े जलस्तर से नगला दुर्जन, नगला दीपी, नगला नैनसुख, नगला जयकिशन, नगला खाना, नगला चतुरी, नगला जैली, नगला पदम, मूजखेड़ा और नगला हंसी सहित कई गांव चारों ओर से पानी से घिर गए हैं। सड़क संपर्क टूटने के कारण ग्रामीणों का आवागमन नाव और स्टीमर के सहारे हो रहा है। ऐसे हालात में भी बच्चे हर सुबह बस्ता कंधे पर टांगकर नाव का इंतजार करते हैं, फिर लहरों को चीरते हुए दूसरी ओर पहुंचकर पैदल विद्यालय जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इन बच्चों के हौसले पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा हैं। उनका मानना है कि यदि जलस्तर दोबारा बढ़ा तो सबसे अधिक असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा। इसलिए प्रशासन को अतिरिक्त नावों और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि शिक्षा का सफर किसी भी हाल में न रुके।
बाढ़ ने गांवों की सड़कें जरूर छीन ली हैं, लेकिन बच्चों के सपनों और शिक्षा के प्रति उनके अटूट विश्वास को नहीं रोक सकी। हर दिन नाव से विद्यालय की ओर बढ़ते ये बच्चे यह संदेश दे रहे हैं कि मुश्किलें चाहे जितनी बड़ी हों, शिक्षा की राह कभी नहीं रुकती।
Author: Soron Live 24

