श्रावण मेले में लहरा गंगा घाट के शौचालय बदहाल, कावड़ियों व महिलाओं को होगी भारी परेशानी।

कासगंज। श्रावण मास के आगमन के साथ ही लहरा गंगा जी घाट पर कावड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी है, लेकिन घाट पर बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति आस्था पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। करोड़ों रुपये की लागत से बने सामुदायिक शौचालय देखरेख के अभाव में जर्जर हो चुके हैं, जिससे श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
घाट किनारे बने सामुदायिक शौचालयों का निर्माण पूरा होने के बाद उन्हें हैंडओवर तो कर दिया गया, लेकिन आज तक उनकी देखरेख के लिए कोई कर्मचारी तैनात नहीं किया गया। शौचालयों में न नियमित सफाई हो रही है, न पानी की व्यवस्था है और न ही सुरक्षा के इंतजाम। कई जगह दरवाजे टूटे हुए हैं, सीटें क्षतिग्रस्त हैं और निर्माण सामग्री का मलबा पड़ा हुआ है। देखरेख के अभाव में लाखों रुपये की लागत से बनी यह सुविधा अब जर्जर होकर खंडहर में तब्दील होती जा रही है।

श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार और पूर्णिमा पर हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान और जलाभिषेक के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसे में शौचालय बंद और बदहाल होने से सबसे अधिक परेशानी महिला श्रद्धालुओं को उठानी पड़ रही है। उन्हें कपड़े बदलने और शौच के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिल पा रहा है, जबकि कई लोगों को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
कावड़ यात्री मलखान सिंह ने बताया कि शौचालय के अंदर मलबा पड़ा हुआ है और सीटें टूटी हुई हैं। देखने से लगता है कि निर्माण या मरम्मत का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। उन्होंने इसे बड़ी लापरवाही बताते हुए कहा कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को ऐसी स्थिति में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले मरम्मत के नाम पर शौचालय में तोड़फोड़ की गई, लेकिन न मलबा हटाया गया और न ही नई सीटें लगाई गईं। ऐसे में आगामी कावड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की परेशानी और बढ़ सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष मेले से पहले सफाई और मरम्मत के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस रहती है। उनका आरोप है कि लहरा गंगा घाट ही नहीं, बल्कि आसपास के अन्य घाटों पर भी सफाई व्यवस्था बदहाल है और स्वच्छता अभियान केवल कागजों तक सीमित होकर रह गया है।
स्थानीय लोगों जितेंद्र, विधाराम, हुक्म सिंह, भरत सिंह और आंचल सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि श्रावण कावड़ मेले से पहले शौचालयों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, नियमित सफाई कर्मियों की तैनाती हो, पानी की समुचित व्यवस्था की जाए तथा आवश्यक होने पर अस्थायी शौचालय भी स्थापित किए जाएं, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ उनके सम्मान और सुविधा का भी ध्यान रखा जा सके।
Author: Soron Live 24

