निजी स्कूलों की मनमानी पर अभिभावकों का मोर्चा, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की उठाई मांग

कासगंज। जिले में निजी विद्यालयों की कथित मनमानी, शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण और अभिभावकों के आर्थिक शोषण के विरोध में संचालित “शिक्षा को लूट से मुक्त करो जन आंदोलन” के तहत शुक्रवार को जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सदर उपजिलाधिकारी को सौंपा गया। ज्ञापन में पूर्व में गठित जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा दोषी विद्यालयों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि पिछले वर्ष अभिभावकों की शिकायतों के आधार पर जिला प्रशासन ने निजी विद्यालयों में फीस, डोनेशन, अनावश्यक पुस्तकें, ड्रेस परिवर्तन सहित विभिन्न अनियमितताओं की जांच के लिए समिति गठित की थी, लेकिन आज तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई और न ही कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। इससे अभिभावकों में असंतोष व्याप्त है।
आंदोलन की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
- जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
- दोषी विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हो।
- सभी विद्यालयों में NCERT आधारित पाठ्यक्रम का 100 प्रतिशत अनुपालन कराया जाए।
- डोनेशन एवं अन्य अवैध शुल्कों पर रोक लगाई जाए।
- प्रत्येक विद्यालय अपनी फीस संरचना सार्वजनिक करे।
- नियमों के अनुरूप ही फीस वृद्धि की जाए।
- ड्रेस में बार-बार बदलाव पर रोक लगाई जाए।
- ग्रीष्मकालीन अवकाश की फीस एवं शिक्षकों के वेतन को लेकर स्पष्ट व्यवस्था लागू की जाए।
- जिला स्तरीय प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया जाए।
- शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही (Accountability) सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि आंदोलन का उद्देश्य किसी विद्यालय या संस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि जनपद के प्रत्येक विद्यार्थी को आर्थिक शोषण से मुक्त, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
इस दौरान हरवीर सिंह भारतीय, शील प्रिय विद्यार्थी, सोनू भंडारी, सुखवीर सिंह यादव, अरविंद माथुर, विकास पाठक, संकल्प पचौरी, अनुपम वार्ष्णेय, रोहतास यादव, शैलेंद्र यादव, महेंद्र सिंह राजपूत, निर्भय यादव, संदीप कुमार, शैलेश यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
Author: Soron Live 24

