गुरु पूर्णिमा पर आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने आदि गंगा में लगाई पुण्य की डुबकी

गंगा स्नान के बाद गुरु पूजन, दीक्षा और भंडारों का आयोजन; मंदिरों और आश्रमों में दिनभर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
कासगंज। (रिपोर्ट सचिन उपाध्याय/रवि श्रोतीय)गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर तीर्थ नगरी सोरों शूकर क्षेत्र में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। आदि गंगा हरि की पैड़ी, लहरा गंगा घाट, कादरगंज गंगा घाट एवं बरवारा गंगा घाट पर सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालु तड़के चार बजे से ही घाटों पर पहुंचने लगे और विधि-विधान से स्नान, दान-पुण्य एवं पूजा-अर्चना की।

गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने हरि की पैड़ी की परिक्रमा कर भगवान वराह के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। इसके उपरांत श्रद्धालु अपने-अपने गुरुजनों के आश्रमों और निवास स्थानों पर पहुंचे, जहां उन्होंने गुरु पूजन कर आशीर्वाद लिया तथा गुरु दीक्षा ग्रहण की।
सोरों शूकर क्षेत्र स्थित विभिन्न आश्रमों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु वंदन, सत्संग, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। कई स्थानों पर विशाल भंडारों का आयोजन भी हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए आदि गंगा हरि की पैड़ी, लहरा गंगा घाट, कादरगंज गंगा घाट एवं अन्य प्रमुख घाटों पर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। घाटों और मंदिरों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे तथा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गईं।
ज्योतिषाचार्य राहुल वशिष्ठ ने बताया कि गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे श्रेष्ठ अवसर है। इस दिन गुरु पूजन, गंगा स्नान, दान-पुण्य और गुरु मंत्र ग्रहण करने से जीवन में ज्ञान, सफलता और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
वहीं पंडित वीरेंद्र वल्लभ व्यास ने कहा कि सनातन परंपरा में गुरु को भगवान से भी श्रेष्ठ स्थान दिया गया है। गुरु ही अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं। गुरु पूर्णिमा पर गुरु का पूजन और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना जीवन को सार्थक एवं सफल बनाता है।
Author: Soron Live 24

