परमा एकादशी पर शूकर क्षेत्र धाम सोरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने की पंचकोशीय परिक्रमा

परमा एकादशी पर शूकर क्षेत्र धाम सोरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने की पंचकोशीय परिक्रमा

हरि की पौड़ी में स्नान कर भगवान वराह का किया पूजन-अर्चन, भजन-कीर्तन से गूंजा सम्पूर्ण परिक्रमा क्षेत्र

सोरों, कासगंज, 11 जून। परमा एकादशी के पावन अवसर पर भगवान वराह की तपोभूमि शूकरक्षेत्र धाम सोरों में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। अधिक मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली इस पुण्यदायी एकादशी पर हजारों श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी स्थित पवित्र गंगा में स्नान कर भगवान वराह का पूजन-अर्चन किया तथा पंचकोशीय परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

ब्राह्मण कल्याण सभा के संस्थापक अध्यक्ष एवं शूकरक्षेत्र समाज सेवा समिति के संयोजक शरद कुमार पाण्डेय के संयोजन में प्रातः 6:30 बजे भगवान वराह मंदिर से पंचकोशीय परिक्रमा का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालु “ॐ जय गंगे”, “ॐ जय वराह” और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” के जयघोषों के साथ भजन-कीर्तन एवं हरिनाम संकीर्तन करते हुए आगे बढ़े। संपूर्ण परिक्रमा मार्ग भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।

परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने वराह गौशाला, चक्रतीर्थ, सूर्यकुण्ड, चन्द्रकुण्ड, जया देवी भद्रकाली मंदिर, बटुक भैरव मंदिर, प्राचीन गृद्धवट, तुलसीदास जन्मस्थान मंदिर, चौरासी घंटा वाली मैया, बाछरू महाराज, करुआ देव महाराज, भगीरथ गुफा, कपिल मुनि आश्रम, वनखंडेश्वर महादेव मंदिर एवं चैतन्य महाप्रभु की बैठक सहित अनेक पवित्र स्थलों के दर्शन किए।

जगह-जगह हुआ श्रद्धालुओं का स्वागत

चौरासी घंटा वाली मैया की परिक्रमा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया गया। सेडूनगला में समाज सेविका महारानी गुप्ता द्वारा शीतल नींबू पानी तथा सीमा शाक्य द्वारा शर्बत वितरण कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया गया। सीताजी की रसोई में रामदर्शन महेरे, नीरज तिवारी एवं साथियों ने प्रसादी वितरित की, जबकि ममता देवी भवन (प्रेम जी की बगीची) में दीपक बड़गैयाँ एवं सहयोगियों ने श्रद्धालुओं का माला एवं पटका पहनाकर स्वागत किया। सिग्नल वाले महाराज पर गिरीश पाठक, अशोक धमनावत, विजय तिवारी, अमरदीप वार्ष्णेय एवं सहयोगियों द्वारा प्रसादी वितरण किया गया।

परमा एकादशी का बताया महत्व

शरद कुमार पाण्डेय ने बताया कि परमा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित अत्यंत दुर्लभ एवं पुण्यदायी तिथि है। शास्त्रों के अनुसार इस व्रत के प्रभाव से पापों का नाश, दरिद्रता का अंत, धन-धान्य की प्राप्ति तथा अंततः मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि राजा हरिश्चंद्र एवं कुबेर देव ने भी इस व्रत के प्रभाव से अपना खोया हुआ वैभव पुनः प्राप्त किया था।

इस अवसर पर विनोद दीक्षित ने कहा कि शूकरक्षेत्र धाम की पंचकोशीय परिक्रमा एवं भगवान वराह नारायण के दर्शन से श्रद्धालुओं को विशेष पुण्यफल प्राप्त होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान विष्णु एवं गंगा माता के मंत्रों का जाप करने तथा सत्य, संयम एवं सदाचार का पालन करने का संदेश दिया।

देशभर से पहुंचे श्रद्धालु

आयोजकों के अनुसार गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश सहित उत्तर प्रदेश के कानपुर, हाथरस, आगरा, कासगंज, एटा, मैनपुरी, बदायूँ, अलीगंज एवं अवागढ़ समेत विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए।

इस अवसर पर शरद कुमार पाण्डेय, शिवानंद उपाध्याय, अशोक कुमार पाण्डेय, शशांक दीक्षित, प्रद्युम्न निर्भय, रानी गुरु, हाकिम सिंह, विनोद दीक्षित, राजकुमार गौड़, योगेश उपाध्याय, श्याम किशोर वर्मा, सचिन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर भगवान वराह का आशीर्वाद प्राप्त किया।

धार्मिक मान्यता है कि परमा एकादशी का व्रत एवं शूकरक्षेत्र धाम की पंचकोशीय परिक्रमा करने से दस हजार वर्षों की तपस्या के समान पुण्यफल प्राप्त होता है तथा श्रद्धालु को भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। :::

Soron Live 24
Author: Soron Live 24

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *