श्रीराम कथा :राम के वनवास प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावुक

सोरों जी। तीर्थ नगरी सोरों स्थित वराह मंदिर में आयोजित भव्य एवं दिव्य रामकथा के सातवें दिन कथा व्यास पंडित राघव चाकर जी महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया। कथा के दौरान पूरा पांडाल भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए।
कथा व्यास ने कहा कि अयोध्या में चारों ओर उत्सव का वातावरण था और हर कोई भगवान राम के राज्याभिषेक की प्रतीक्षा कर रहा था, लेकिन मंथरा की कुटिलता और माता कैकेयी के दो वरदानों ने पूरे माहौल को शोक में बदल दिया। उन्होंने बताया कि जैसे ही भगवान राम को यह ज्ञात हुआ कि उनके वन जाने से पिता महाराज दशरथ के वचनों की रक्षा होगी, उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के राजसी वैभव का त्याग कर मुनिवेश धारण कर लिया।
पंडित राघव चाकर जी महाराज ने कहा कि भगवान राम का वनगमन केवल एक राजकुमार का वन में जाना नहीं था, बल्कि यह संदेश था कि कर्तव्य, मर्यादा और वचन पालन हर सुख-सुविधा से श्रेष्ठ हैं। भगवान राम के साथ भाई लक्ष्मण ने भ्रातृ प्रेम और माता सीता ने पतिव्रता धर्म की ऐसी मिसाल प्रस्तुत की, जो युगों-युगों तक मानव समाज का मार्गदर्शन करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि युवराज राम के राज्याभिषेक की तैयारियों के बीच अचानक वनवास का निर्णय अयोध्या के इतिहास का सबसे भावुक क्षण था। इसके बावजूद भगवान राम के चेहरे पर न तो दुख था और न ही किसी प्रकार की शिकायत। उन्होंने प्रसन्नतापूर्वक पिता के वचनों का सम्मान किया और माता कैकेयी की आज्ञा को शिरोधार्य कर लिया।
कथा के दौरान कथा व्यास ने “राम वनों को जा तारी माता”, “ओ मैया तेने का ठानी मन में, राम सिया भेज दिए वन में” तथा “विधना तेरे लेख किसी की समझ ना आते हैं, जन-जन के प्रिय राम लखन बन को जाते हैं” जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने कथा व्यास का फूल-मालाओं, रामनाम पटका, भगवान श्रीराम का चित्र एवं गंगाजल भेंट कर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।
इस अवसर पर नरेश त्रिगुणायत, योगेश भारद्वाज, विशाल सिंह सोलंकी, डॉ. राजीव बरवारिया, मनोज चौहान, सागर सनातनी, सुदर्शन बड़गइयां, मिलन मिश्रा, हार्दिक, विकास शर्मा, विकास मौर्य सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Author: Soron Live 24

