शिव विवाह प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, भोले के जयकारों से गूंजा वराह मंदिर

सोरों। सनातन तीर्थ नगरी शूकर क्षेत्र सोरों स्थित भगवान वराह मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा के तृतीय दिवस गुरुवार को कथा व्यास पंडित चाकर जी महाराज ने भगवान शिव विवाह का सुंदर एवं मनोहारी वर्णन किया। कथा के दौरान पूरा मंदिर “बम-बम भोले” और भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया तथा कथा विश्राम पर प्रसाद वितरण किया गया।
कथा व्यास ने शिव बारात का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शंकर की अद्भुत बारात को देखकर नगरवासी आश्चर्यचकित रह गए। बारात में भूत-प्रेत, पिशाच, अघोरी और विभिन्न स्वरूपों वाले गण शामिल थे, जिन्हें देखकर लोग भयभीत भी हुए। वहीं ब्रह्मा और विष्णु की टोली अत्यंत आकर्षक एवं मनमोहक दिखाई दे रही थी।
इस दौरान उन्होंने “दूल्हा बनकर के शंकर चले”, “बम-बम भोले”, “भोले संग ब्याह रचाऊं”, “बाबुल की दुआएं लेती जा” और “सज रहे भोले बाबा निराले चोले में” जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजनों के दौरान श्रद्धालु भावविभोर नजर आए।
पंडित चाकर जी महाराज ने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह केवल दो दिव्य शक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि त्याग, समर्पण और समस्त सृष्टि के कल्याण का प्रतीक है। माता पार्वती की कठोर तपस्या हमें यह संदेश देती है कि सच्चे संकल्प और भक्ति से असंभव लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं।
कथा में नीरज भारद्वाज, प्रमोद भारद्वाज, सुदर्शन तिवारी, मोहन बाबू तिवारी, सुनील तिवारी, सुरेश चंद्र पटियात, डॉ. राजीव बरवारिया, मिलन मिश्रा, गणेश यादव, गौरव, कुलदीप पंडित, प्रगेश द्विवेदी, हार्दिक गौड़, सोनू गोस्वामी, विजय दुबे, अशोक तिवारी, सागर सनातनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Author: Soron Live 24

