पद्मिनी एकादशी पर शूकरक्षेत्र सोरों जी में उमड़ा आस्था का सैलाब पंचकोशी परिक्रमा में गूंजे “ॐ जय गंगे-ॐ जय वराह” के जयकारे, देशभर से पहुंचे श्रद्धालु

पद्मिनी एकादशी पर शूकरक्षेत्र सोरों जी में उमड़ा आस्था का सैलाब

पंचकोशी परिक्रमा में गूंजे “ॐ जय गंगे-ॐ जय वराह” के जयकारे, देशभर से पहुंचे श्रद्धालु

 

सोरोंजी/कासगंज, बुधवार। पद्मिनी एकादशी के पावन अवसर पर भगवान वराह की तपोभूमि शूकरक्षेत्र धाम सोरों जी में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। हर तीन वर्ष में आने वाले पुरुषोत्तम मास की पद्मिनी एकादशी पर हजारों श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी स्थित पवित्र गंगा में स्नान कर भगवान वराह का पूजन-अर्चन किया तथा पंचकोशी परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

ब्राह्मण कल्याण सभा के संस्थापक अध्यक्ष एवं शूकरक्षेत्र समाज सेवा समिति के संयोजक शरद कुमार पाण्डेय के संयोजन में बुधवार प्रातः 6:30 बजे भगवान वराह मंदिर, हरि की पौड़ी श्री गंगा जी से पंचकोशी परिक्रमा का शुभारंभ हुआ। परिक्रमा के दौरान “ॐ जय गंगे”, “ॐ जय वराह”, “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” तथा “सीता-राम, राधे-श्याम” के जयकारों से संपूर्ण क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया।

श्रद्धालुओं ने वराह गौशाला, चक्रतीर्थ, सूर्यकुण्ड, चन्द्रकुण्ड, जयादेवी भद्रकाली मंदिर, बटुक भैरव मंदिर, गृद्धवट, ग्राम देवी मंदिर, तुलसीदास जन्मस्थान मंदिर, चौरासी घंटे वाली मैया, करुआ देव महाराज, भगीरथ गुफा, कपिल मुनि आश्रम, वनखंडेश्वर महादेव मंदिर एवं चैतन्य महाप्रभु की बैठक सहित विभिन्न पवित्र स्थलों के दर्शन किए।

परिक्रमा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद, शीतल शरबत, दही की लस्सी एवं विश्राम की विशेष व्यवस्था की गई। समाज सेविका महारानी गुप्ता एवं दीपक गुप्ता द्वारा श्रद्धालुओं को मीठा शरबत वितरित किया गया। वहीं सीता रसोई पर रामदर्शन महेरे व नीरज तिवारी ने प्रसाद वितरण किया। प्रेम जी की बगीची स्थित ममता देवी भवन में श्रद्धालुओं के विश्राम की व्यवस्था रही तथा दीपक बड़गैयाँ द्वारा दही की लस्सी वितरित की गई। विभिन्न स्थानों पर गिरीश पाठक, अमरदीप अशोक धमनावत, विजय तिवारी, अवधेश तिवारी सहित कई समाजसेवियों ने सेवा कार्य किए।

शरद कुमार पाण्डेय ने बताया कि पद्मिनी एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित अत्यंत पुण्यदायी व्रत है, जिसका फल हजारों यज्ञों एवं तीर्थों के समान माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत संतान सुख, मनोकामना पूर्ति, पापों के नाश एवं मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से व्रत के दिन झूठ, क्रोध, निंदा एवं तामसिक भोजन से दूर रहने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालु इस दिन हरि की पौड़ी में स्नान कर भगवान वराह नारायण का पूजन एवं पंचकोशी परिक्रमा करते हैं, वे भगवान वराह के परम भक्त कहलाते हैं और उन्हें सुख-समृद्धि व विष्णुलोक की प्राप्ति होती है।

इस धार्मिक आयोजन में गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश सहित उत्तर प्रदेश के कानपुर, आगरा, हाथरस, एटा, मैनपुरी, बदायूं एवं कासगंज समेत विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

इस अवसर पर शिवानंद उपाध्याय, अशोक कुमार पाण्डेय, प्रवीण कुमार द्विवेदी, प्रद्युम्न निर्भय रानी गुरु, हाकिम सिंह, विनोद दीक्षित, राजकुमार गौड़, योगेश उपाध्याय, सचिन गुप्ता, लाखन सिंह, ईश्वरी प्रसाद, अभय भारद्वाज, प्रदीप उपाध्याय, रामदयाल, जितेंद्र कुमार हल्दिया, राधाकृष्ण विजय, संजय मौनी, वीरेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, गीतम सिंह, बदन सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Soron Live 24
Author: Soron Live 24

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