सोरों हरिपदी गंगा को ‘पवित्र कुण्ड’ लिखे जाने पर तीर्थ प्रेमियों में नाराज़गी
डीएम और पर्यटन अधिकारी को भेजा शिकायत पत्र, सरकारी अभिलेखों में सुधार की उठाई मांग

कासगंज यूपी!सोरों शूकरक्षेत्र स्थित पौराणिक हरिपदी गंगा को पर्यटन विभाग द्वारा जारी विकास योजनाओं की सूची में “पवित्र कुण्ड” लिखे जाने पर तीर्थ प्रेमियों और अखंड आर्यावर्त निर्माण संघ राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेश शर्मा ने कड़ी आपत्ति जताई है। इस संबंध में जिलाधिकारी कासगंज एवं क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी को ऑनलाइन शिकायत एवं आपत्ति पत्र भेजकर तत्काल सुधार की मांग की गई है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेश शर्मा का कहना है कि हरिपदी गंगा केवल एक सामान्य कुण्ड नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र और प्राचीन धार्मिक महत्व का पवित्र तीर्थ है। विभिन्न पुराणों एवं धार्मिक ग्रंथों में इसका उल्लेख “हरिपदी गंगा” के रूप में मिलता है, इसलिए इसे “पवित्र कुण्ड” कहना इसकी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक गरिमा को कम करना है।
पत्र में कहा गया है कि सरकारी दस्तावेजों में गलत शब्दावली का प्रयोग भविष्य में तीर्थ की पहचान को प्रभावित कर सकता है। श्रद्धालुओं ने मांग की है कि परियोजना के नाम सहित सभी सरकारी पत्राचार, शिलालेख एवं अभिलेखों में “हरिपदी गंगा” नाम का ही सम्मानपूर्वक प्रयोग सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन से धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए इस त्रुटि को शीघ्र सुधारने की मांग की है।
Author: Soron Live 24

