पर्यटन विभाग की बड़ी चूक: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के फ्लैक्स से गायब हुए सोरों के प्रमुख तीर्थों के नाम

सोरों शूकरक्षेत्र। (सचिन उपाध्याय)धार्मिक एवं पौराणिक नगरी में आयोजित होने जा रहे “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” कार्यक्रम से पहले पर्यटन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए फ्लैक्स एवं प्रचार सामग्री में तीर्थ नगरी के प्रमुख धार्मिक स्थल — और — का नाम शामिल न किए जाने पर स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है।
मामला सामने आते ही क्षेत्र में नाराजगी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोरों शूकरक्षेत्र देशभर में भगवान वाराह की तपोस्थली और प्राचीन तीर्थ के रूप में प्रसिद्ध है। ऐसे में धार्मिक कार्यक्रम के फ्लैक्स से प्रमुख मंदिरों के नाम गायब होना पर्यटन विभाग की गंभीर अनदेखी को दर्शाता है। वहीं फ्लैक्स में कार्यक्रम स्थल “कैलाश मंदिर, एटा” दर्शाया गया है, जबकि वास्तविक कार्यक्रम स्थल बताया जा रहा है।
भाजपा नगर अध्यक्ष ने कार्यक्रम स्थल पर लगे फ्लैक्स को देखकर तत्काल क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी से फोन पर वार्ता की। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि तीर्थ नगरी की धार्मिक पहचान से जुड़े प्रमुख स्थलों को नजरअंदाज करना स्थानीय आस्था का अपमान है। उन्होंने जल्द से जल्द गलती सुधारकर नए फ्लैक्स लगाने की मांग की।
आदित्य काकोरिया ने कहा,
“सोरों शूकरक्षेत्र केवल एक नगर नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां के प्रमुख मंदिरों के नाम हटाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पर्यटन विभाग को धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।”
कार्यक्रम में मौजूद सभासद और ने भी इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यटन विभाग लगातार सोरों की उपेक्षा कर रहा है।
नीतेश पचौरी ने कहा,
“जब भी पर्यटन से जुड़े प्रचार-प्रसार की बात आती है, सोरों के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को उचित स्थान नहीं दिया जाता। यह स्थानीय जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।”
वहीं विष्णु तिवारी ने कहा,
“सोरों शूकरक्षेत्र की पहचान भगवान वाराह और प्राचीन धार्मिक स्थलों से है। यदि इन्हीं स्थलों का नाम प्रचार सामग्री से गायब रहेगा तो आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के सामने गलत संदेश जाएगा।”
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पर्यटन विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संशोधित फ्लैक्स जारी करे तथा भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
इस संबंध में क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने फोन पर बताया कि फ्लैक्स पर नाम गलत अंकित होना प्रेस की त्रुटि के कारण हुआ। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में सामग्री की ठीक से जांच नहीं हो सकी। मामले में संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तथा जल्द ही संशोधित फ्लैक्स लगाए जाएंगे।
Author: Soron Live 24

