NCERT किताबें लागू न करने पर स्कूलों पर कार्रवाई की मांग, अभिभावकों के शोषण का आरोप

YUVA संगठन ने DIOS को सौंपा ज्ञापन, निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें थोपने का विरोध
कासगंज, 4 अप्रैल 2026:जनपद कासगंज में निजी विद्यालयों द्वारा NCERT पुस्तकों को लागू न करने और अभिभावकों पर महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने का दबाव बनाने के खिलाफ आवाज तेज हो गई है। Youth United for Valuable Action (YUVA) संगठन ने इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय के डीसी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि 31 मार्च 2026 को जारी आदेश के बावजूद कई विद्यालयों ने अभी तक NCERT पुस्तकों को अनिवार्य रूप से लागू नहीं किया है। इसके विपरीत, कुछ स्कूल अब भी निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य कर रहे हैं, जिससे उनका आर्थिक शोषण हो रहा है।
संगठन ने आरोप लगाया कि कई विद्यालयों द्वारा पूर्व निर्धारित पुस्तकों को ही जारी रखने का दबाव बनाया जा रहा है और आदेशों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है।
मुख्य मांगें:
आदेश का पालन न करने वाले विद्यालयों की तत्काल जांच कर कार्रवाई की जाए।
सभी स्कूलों में NCERT पुस्तकों को अनिवार्य रूप से लागू कराने हेतु सख्त निर्देश जारी हों।
जिन अभिभावकों से पहले ही निजी किताबें खरीदवाई जा चुकी हैं, उन्हें वापस लेकर उनकी राशि लौटाई जाए।
भविष्य में किसी भी विद्यालय द्वारा निजी किताबें थोपने या विशेष दुकानों से खरीद का दबाव बनाने पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि अभिभावकों का विश्वास बना रहे।
ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि संगठन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता स्थापित करना और अभिभावकों को आर्थिक शोषण से बचाना है।
YUVA के अध्यक्ष हरवीर सिंह भारतीय ने कहा, “यदि समय रहते प्रशासन सख्ती नहीं करता है, तो निजी स्कूल मनमानी करते रहेंगे और अभिभावकों का शोषण जारी रहेगा। हम चाहते हैं कि सभी स्कूलों में पारदर्शिता हो और बच्चों की पढ़ाई सस्ती व समान व्यवस्था के तहत हो। अगर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन जनहित में बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगा।” उन्होंने
चेतावनी:भी दी कि
संगठन ने साफ किया कि यदि इस मामले में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो वह आगे की रणनीति अपनाते हुए आंदोलन का रास्ता भी अपना सकता है।
Author: Soron Live 24

