पापमोचनी एकादशी पर सोरों के शूकरक्षेत्र धाम में पंचकोशी परिक्रमा का शुभारम्भ, भक्ति में डूबा रहा पूरा क्षेत्र

पापमोचनी एकादशी पर सोरों के शूकरक्षेत्र धाम में पंचकोशी परिक्रमा का शुभारम्भ, भक्ति में डूबा रहा पूरा क्षेत्र

 


सोरों जी (कासगंज)। पापमोचनी एकादशी के पावन अवसर पर शूकरक्षेत्र धाम सोरों जी में रविवार को श्रद्धा, आस्था और भक्ति के साथ पंचकोशी परिक्रमा का शुभारम्भ हुआ। प्रातःकालीन बेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हरि की पौड़ी स्थित पवित्र गंगा जी में स्नान कर भगवान वराह का विधिवत पूजन-अर्चन किया और क्षेत्र में हरिनाम संकीर्तन के साथ भक्तिमय वातावरण बन गया।
इस अवसर पर शूकरक्षेत्र समाज सेवा समिति के सहसंयोजक अर्जुन लाल गुप्ता ने भगवान श्री वराह को भोग अर्पित कर श्रद्धालुओं के बीच प्रसादी का वितरण किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने हरिनाम संकीर्तन करते हुए उत्साहपूर्वक पंचकोशी परिक्रमा प्रारम्भ की। संकीर्तन की मधुर ध्वनि से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने परिक्रमा में भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
पंचकोशी परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने गंगा जी की परिक्रमा करते हुए वराह गौशाला चक्रतीर्थ, सूर्यकुण्ड, चन्द्रकुण्ड, जयादेवी भद्रकाली बटुक भैरव मंदिर, सतयुगकालीन ग्रधवट, ग्राम देवी मंदिर, सीताराम मंदिर, तुलसीदास जन्मस्थान मंदिर तथा चौरासी घंटा वाली मैया के दर्शन किए। इसके बाद सेडूनगला होते हुए श्रद्धालु बाछरु महाराज पर विश्राम के लिए पहुँचे और आगे बढ़ते हुए सीताजी की रसोई पर भी विश्राम किया।
सीताजी की रसोई पर रामदर्शन महेरे, नीरज तिवारी, ओमप्रकाश मौर्य एवं उनके साथियों द्वारा प्रसादी वितरण किया गया। इसके पश्चात परिक्रमा का अगला पड़ाव ममता देवी भवन प्रेम जी की बगीची रहा, जहां दीपक बड़गैयाँ एवं सहयोगियों ने श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की। आगे सिग्नल वाले महाराज पर गिरीश पाठक, अशोक धमनावत, विजय तिवारी, अमरदीप वार्ष्णेय, अवधेश दीक्षित एवं सहयोगियों द्वारा प्रसादी वितरण किया गया।
परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं ने करुआ देव महाराज, भगीरथ गुफा, कपिल मुनि आश्रम, वनखंडेश्वर महादेव मंदिर और चैतन्य महाप्रभु की बैठक के दर्शन किए। अंत में परिक्रमा भगवान वराह मंदिर पर आकर पूर्ण हुई।
इस अवसर पर ब्राह्मण कल्याण सभा के संस्थापक अध्यक्ष एवं शूकरक्षेत्र समाज सेवा समिति के संयोजक शरद कुमार पाण्डेय ने पापमोचनी एकादशी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि चैत्र कृष्ण पक्ष की पापमोचनी एकादशी का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और मान्यता है कि इस दिन उपवास एवं विधिवत पूजा करने से अनजाने में किए गए सात जन्मों के पाप तथा मानसिक दोषों का नाश होता है तथा भक्तों को कष्टों से मुक्ति, सुख-समृद्धि और आत्मिक शांति प्राप्त होती है।
उन्होंने बताया कि भगवान वराह के शूकरक्षेत्र धाम सोरों जी में प्रत्येक एकादशी को पंचकोशी परिक्रमा आयोजित की जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
पंचकोशी परिक्रमा में मुख्य रूप से शरद कुमार पांडे, शिवानंद उपाध्याय, अशोक कुमार पाण्डेय, प्रवीण कुमार द्विवेदी, शशांक दीक्षित, अजय पाल सिंह, हाकिम सिंह, राजकुमार गौड़, श्याम दीक्षित, रामू तिवारी, सचिन गुप्ता, लाखन सिंह, ईश्वरी प्रसाद, शिवम् उपाध्याय, गिरिजाशंकर पाठक, अभय भारद्वाज, प्रदीप उपाध्याय, महेश शर्मा सहित दूर-दराज से आईं माताएं, बहनें, बुजुर्ग और बच्चों ने भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

Soron Live 24
Author: Soron Live 24

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