यूजीसी रेगुलेशन के विरोध में भारत बंद का व्यापक असर,तीर्थ नगरी सोरों में काला कानून का पुतला दहन

सोरों (कासगंज) (सचिन उपाध्याय/रवि श्रोतीय) यूजीसी द्वारा लागू किए गए रेगुलेशन के विरोध में श्रवण संगठनों के आह्वान पर आयोजित भारत बंद का तीर्थ नगरी सोरों में व्यापक असर देखने को मिला। बंद के चलते तीर्थ नगरी का संपूर्ण बाजार पूरी तरह बंद रहा। व्यापारियों, सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने बंद को समर्थन देते हुए विरोध दर्ज कराया।
भारत बंद के दौरान श्रवण संगठनों द्वारा द्वारकाधीश अनाज मंडी चौराहे पर यूजीसी रेगुलेशन को “काला कानून” बताते हुए उसका पुतला दहन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “यूजीसी रेगुलेशन काला कानून वापस लो” जैसे नारे लगाकर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया।
समाज को बांटने का आरोप – सतीश भारद्वाज
गंगा भक्त समिति के अध्यक्ष सतीश भारद्वाज ने कहा कि तीर्थ नगरी सोरों में ऐतिहासिक रूप से बाजार बंद कर श्रवण समाज ने यूजीसी रेगुलेशन के विरोध में अपना संदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि “सवर्ण समाज ने भाजपा सरकार को समर्थन और वोट दिया था, लेकिन सरकार लगातार समाज को बांटने का कार्य कर रही है, जिसे श्रवण समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।”
काला कानून वापस ले सरकार – भूपेश शर्मा
अखंड आर्यावर्त निर्माण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेश शर्मा ने कहा कि तीर्थ नगरी में यूजीसी रेगुलेशन को काला कानून मानते हुए पुतला दहन किया गया है।
उन्होंने कहा कि “तीर्थवासियों ने ऐतिहासिक बाजार बंद कर अपना विरोध दर्ज कराया है। सरकार को चाहिए कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस काले कानून को तत्काल वापस ले।”
पुतला दहन एवं विरोध प्रदर्शन के दौरान
अतुल दीक्षित, भोला शंकर, सोमांशु निर्भय, अनुज दुबे, विकास सोती, भारत त्रिगुणायत, सुमित, बिट्टू निर्भय, बिट्टू बॉस, इंद्रा उपाध्याय, दीपक पाराशर, श्याम सुंदर तिवारी, मुकेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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Author: Soron Live 24

