तीर्थ नगरी सोरों में बसंत पंचमी पर भगवान वराह संग भक्तों ने खेली होली, मंदिर परिसर हुआ रंग-गुलाल से सराबोर

कासगंज (सचिन उपाध्याय/रवि श्रोतीय)जनपद की तीर्थ नगरी सोरों (शूकर क्षेत्र) स्थित प्राचीन वराह मंदिर में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर श्रद्धा और उल्लास के साथ बसंत पंचमी एवं होली महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर भगवान वराह के साथ भक्तों ने परंपरागत रूप से होली खेलकर बसंत ऋतु के आगमन का स्वागत किया।
बसंत पंचमी के दिन प्रातःकाल भगवान वराह का विधि-विधान से पूजन किया गया। मंदिर में भगवान को मोहन भोग, पान आदि अर्पित किए गए तथा उन्हें पीले वस्त्र धारण कराए गए। मंदिर प्रांगण में महिलाओं ने भजन-कीर्तन के साथ बसंत के पारंपरिक गीत गाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
महोत्सव की शुरुआत मंदिर सेवायत द्वारा भगवान वराह को गुलाल अर्पित कर की गई। इसके पश्चात होली महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने वराह मंदिर के प्रांगण में एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर बसंत पंचमी महोत्सव को हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस दौरान पान एवं गन्ने के रस का प्रसाद भी श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।
महोत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए सोरों कोतवाली प्रभारी जगदीश चंद्र के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा। उत्साहपूर्ण माहौल में पुलिसकर्मी भी रंगों से अछूते नहीं रहे और श्रद्धालुओं ने उन्हें भी गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं।
मंदिर सेवायत नरेश त्रिगुणायत ने बताया कि वराह मंदिर में बसंत पंचमी का पर्व विशेष महत्व रखता है। प्रत्येक वर्ष इस दिन भगवान वराह को पीले वस्त्र धारण कराए जाते हैं और विशेष भोग अर्पित किया जाता है। बसंत पंचमी के दिन भगवान को गुलाल अर्पित कर होली महोत्सव की शुरुआत की जाती है, जिससे ब्रज क्षेत्र और तीर्थ नगरी शूकर क्षेत्र में होली उत्सव का शुभारंभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं और सामाजिक समरसता व भक्ति का संदेश देते हैं।
बसंत पंचमी महोत्सव के दौरान सेवायत नरेश तिगुनायत, शंभू गोस्वामी, शिवम पुजारी, मुकेश निर्भय, राहुल निर्भय, योगेश तिवारी, विकास तिवारी, आकाश उपाध्याय, अतुल निर्भय अनुपम मिश्र,सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Author: Soron Live 24

