तीर्थनगरी सोरों की उपेक्षा पर उमड़ा जनाक्रोश परिक्रमा मार्ग की दुर्दशा — आस्था नहीं, प्रशासन की लापरवाही की मार
मोक्षदा एकादशी से पहले नहीं सुधरे हालात तो होगा शांतिपूर्ण जन आंदोलन — ब्राह्मण कल्याण सभा

(पंचकोसी परिक्रमा का गड्ढा युक्त मार्ग )
सोरों (कासगंज), (सचिन उपाध्याय )भारत की सनातन आस्था, भक्ति परंपरा और धर्म संस्कृति का केंद्र शूकर क्षेत्र धाम, सोरों जी इन दिनों बदहाली की पीड़ा झेल रहा है। पंचकोसी परिक्रमा मार्ग की दुर्दशा ने श्रद्धालुओं के आक्रोश को जन्म दिया है। सड़क पर गहरे गड्ढे, कीचड़, टूटी सड़कें, अंधेरा और अव्यवस्था ने तीर्थराज की पवित्रता को प्रश्नों के घेरे में ला दिया है।
निरीक्षण हुआ, पर काम नहीं — सिर्फ़ आश्वासन
जानकारी के अनुसार, जिला पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने कुछ सप्ताह पूर्व परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण किया था। उन्होंने मरम्मत, सफाई और प्रकाश व्यवस्था का आश्वासन दिया था, किंतु आज तक कोई कार्य आरंभ नहीं हुआ।
ब्राह्मण कल्याण सभा के संस्थापक अध्यक्ष शरद कुमार पांडेय ने कहा —“यह केवल प्रशासनिक देरी नहीं, श्रद्धालुओं की आस्था का अपमान है। लाखों श्रद्धालु मोक्षदा एकादशी (1 दिसम्बर 2025) पर यहाँ आएँगे। यदि तब तक मार्ग सुधरा नहीं, तो यह असफलता नहीं — लापरवाही कहलाएगी।
???? मुख्य मांगें: सात दिनों के भीतर परिक्रमा मार्ग की तात्कालिक मरम्मत प्रारंभ की जाए।
मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था एवं सफाई अभियान तत्काल चलाया जाए।
पेयजल, विश्राम एवं प्राथमिक चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए।
जहाँ भूमि विवाद से मार्ग बाधित है, वहाँ प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप करे।
चेतावनी (सार्वजनिक घोषणा):यदि 1 दिसम्बर से पूर्व ये कार्य नहीं हुए, तो शूकर क्षेत्र समाज सेवा समिति एवं ब्राह्मण कल्याण सभा के तत्वावधान में शांतिपूर्ण परंतु विशाल जन आंदोलन किया जाएगा। “हम आस्था के अपमान पर अब चुप नहीं रहेंगे। इसकी पूर्ण नैतिक जिम्मेदारी प्रशासन और पर्यटन विभाग की होगी।” शरद कुमार पांडेय, संस्थापक अध्यक्ष, ब्राह्मण कल्याण सभा
Author: Soron Live 24

