तीर्थ नगरी सोरों में नेपाल से आए 500 श्रद्धालुओं ने किया पितरों का पिंडदान
भगवान वाराह के दर्शन कर प्राप्त किया पुण्य लाभ, पुष्कर और वृंदावन की यात्रा पर रवाना होंगे श्रद्धालु



कासगंज (सचिन उपाध्याय)। सोमवार
कार्तिक मास की चतुर्दशी (नरक चौदस) के अवसर पर उत्तर प्रदेश की तीर्थ नगरी सोरों शूकर क्षेत्र स्थित हरि की पैड़ी कुंड में नेपाल से आए लगभग 500 श्रद्धालुओं ने अपने पितरों के निमित्त पिंडदान कर पुण्य अर्जित किया।
नेपाल के महेंद्रनगर, दारचूला, दोदलिया धूरा, वैतरणी, बझान, बाजुरा, ओछाम सहित विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का जत्था बसों एवं निजी वाहनों से तीर्थ नगरी सोरों पहुंचा। यहां उन्होंने हरि की पैड़ी एवं सोरों शूकर क्षेत्र के अन्य पवित्र घाटों पर अपने गंगागुरुओं के सान्निध्य में विधि-विधानपूर्वक पिंडदान किया और दान-दक्षिणा अर्पित कर पितरों की शांति के लिए प्रार्थना की।
श्रद्धालु महादेव ने बताया कि यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। नेपाल के हजारों श्रद्धालु प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास में अपने पितरों के निमित्त पिंडदान करने सोरों शूकर क्षेत्र आते हैं। उन्होंने कहा कि “सोरों शूकर क्षेत्र में पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि हमारे क्षेत्र के लोग हर वर्ष यहां पहुंचते हैं।”
श्रद्धालु वीरेंद्र ने बताया कि नेपाल नरेश द्वारा भगवान वाराह मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया था, जिससे दोनों देशों के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध और भी गहरे हुए।
पिंडदान के पश्चात श्रद्धालु राजस्थान के पुष्करराज के लिए रवाना हुए। वहां पूजा-अर्चना कर वे मथुरा-वृंदावन के दर्शन करेंगे और तत्पश्चात अपने नेपाल लौट जाएंगे।
सोरों शूकर क्षेत्र में पिंडदान से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है, मान्यता के चलते हर वर्ष नेपाल से आते हैं हजारों श्रद्धालु।????✅✔️
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Author: Soron Live 24

