सोरों रामलीला में छलका आस्था का सागर, राम–हनुमान मिलन और बाली वध देख भाव-विभोर हुए दर्शक




सीता वियोग का विलाप देख हर आंख हुई नम, मंचन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
कासगंज/सोरों।( सचिन उपाध्याय/रवि श्रोतीय)नवरात्रि के पावन अवसर पर तीर्थ नगरी सोरों शूकर क्षेत्र स्थित हर की पैड़ी बदरिया रोड पर चल रहे श्रीरामलीला महोत्सव में सोमवार की रात धार्मिक उल्लास और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सप्तमी के दिन आयोजित मंचन में प्रभु श्रीराम के सीता वियोग में विलाप, भक्त हनुमान व श्रीराम का मिलन, सुग्रीव से मित्रता और बाली वध जैसी लीलाओं का शानदार चित्रण किया गया।
सीता हरण के बाद प्रभु श्रीराम के वियोग का दृश्य इतना मार्मिक रहा कि दर्शकों की आंखें नम हो गईं। राम–हनुमान मिलन और बाली वध की लीला ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। मंचन देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और कुर्सियां भी कम पड़ गईं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सौरभ गौरव उपाध्याय ने प्रभु श्रीराम–माता सीता के स्वरूप की आरती उतारकर किया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी ने मुख्य अतिथि का पट्टिका और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया।
रामलीला कमेटी महामंत्री मनीष शर्मा पंडा जी ने बताया कि “हर वर्ष की तरह इस बार भी पारंपरिक लीलाओं का मंचन भव्यता के साथ किया जा रहा है। सप्तमी की रात प्रभु श्रीराम और भक्त हनुमान का मिलन तथा बाली वध का प्रसंग दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। हमारा प्रयास है कि रामायण की प्रत्येक कथा अपने मूल स्वरूप में प्रस्तुत हो ताकि नई पीढ़ी प्रेरणा ले सके।”
रामलीला मंचन के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी तैनात रहे।
कार्यक्रम में रामलीला कमेटी अध्यक्ष सौरभ पचौरी, महामंत्री मनीष शर्मा पंडा जी, अंशुल दुबे गंगा भक्त, शिव शंकर बरवरिया, कथा व्यास मूलचंद तिवारी, डॉ. कमल नयन चौधरी, राजीव बरवरिया, राघव वरवारिया चाकर, संजय चौधरी, प्रवीण गुप्ता, ललित मोहन तिवारी, सुनील तिवारी सौरभ दीक्षित,दीपक बड़गैया सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
आगामी लीलाओं का कार्यक्रम।
रामलीला कमेटी अध्यक्ष सौरभ पचौरी ने बताया कि आने वाले दिनों में सुग्रीव राजतिलक, अंगद रावण संवाद, राम–रावण युद्ध और हनुमानजी द्वारा संजीवनी लाने जैसे प्रसंग मंचित किए जाएंगे।
Author: Soron Live 24

