बूढ़ी गंगा ड्रेन जाम, किसानों ने खुद उठाया जिम्मा; सिंचाई विभाग पर सवाल

कासगंज/सोरों। (सचिन उपाध्याय)कासगंज जिले की सोरों तहसील से होकर बहने वाली बूढ़ी गंगा ड्रेन में बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है। स्थिति यह है कि पानी अब स्थानीय किसानों के खेतों में घुसकर फसलें बर्बाद कर रहा है। हालात बिगड़ते देख किसानों ने स्वयं बूढ़ी गंगा ड्रेन की सफाई का बीड़ा उठाया और सोरों से बदरिया-होडलपुर तक सफाई अभियान शुरू कर दिया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सिंचाई विभाग पूरी तरह निष्क्रिय है। जबकि इसी वर्ष मार्च-अप्रैल 2025 में करोड़ों रुपये खर्च कर ड्रेन की सफाई का दावा किया गया था। इसके बावजूद बूढ़ी गंगा ड्रेन की हालत जस की तस रही। अब किसानों की सफाई करते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और लोग सिंचाई विभाग से जवाब मांग रहे हैं। फेसबुक सोशल मीडिया पर राहुल वशिष्ठ लिखते हैं कि कासगंज कार्यालय अधिशासी अभियंता, सिंचाई खण्ड, कासगंज द्वारा प्रकाशित निविदा (09 जून 2025) के अनुसार, बिंदु संख्या 5 से 23 तक बूढ़ी गंगा ड्रेन (किमी 0.0 से 125.5) की सिल्ट सफाई हेतु ₹1,62,98,000 (एक करोड़ बासठ लाख अठानबे हजार रुपये) की अनुमानित लागत तय की गई थी।
लेकिन हकीकत यह है कि न तो सफाई हुई, न ही जलभराव की समस्या का समाधान। अब जब पानी खेतों में भरने लगा तो किसानों ने खुद कुदाल उठाकर ड्रेन साफ करनी शुरू कर दी।
लोगों का सवाल साफ है—
???? क्या सफाई केवल कागजों में हुई?
???? करोड़ों खर्च के बाद भी बूढ़ी गंगा ड्रेन क्यों जाम है?
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Author: Soron Live 24

