शिक्षा की लूट के खिलाफ आंदोलन स्थगित, प्रशासन के ठोस आश्वासन के बाद धरनास्थल पर बनी सहमति हरवीर सिंह भारतीय बोले “अगर वादे पूरे नहीं हुए तो आंदोलन होगा और व्यापक”

शिक्षा की लूट के खिलाफ आंदोलन स्थगित, प्रशासन के ठोस आश्वासन के बाद धरनास्थल पर बनी सहमति
हरवीर सिंह भारतीय बोले— “अगर वादे पूरे नहीं हुए तो आंदोलन होगा और व्यापक”

 


कासगंज, 01 मार्च 2026।
जनपद कासगंज में 26 फरवरी से चल रहा “शिक्षा की लूट से मुक्त करो” जनआंदोलन चौथे दिन महत्वपूर्ण परिणाम के साथ स्थगित कर दिया गया। हरवीर सिंह भारतीय के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन को लगातार अभिभावकों का समर्थन मिलता रहा, जिसके चलते प्रशासनिक अधिकारियों को स्वयं धरनास्थल पर पहुंचकर वार्ता करनी पड़ी।
धरनास्थल पर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), खंड शिक्षा अधिकारी (ABSA) और तहसीलदार पहुंचे तथा आंदोलन के प्रतिनिधिमंडल से विस्तृत चर्चा की। वार्ता के दौरान अधिकारियों ने प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और ठोस आश्वासन दिया।
इन मुद्दों पर मिला प्रशासन का आश्वासन
विद्यालयों में NCERT पुस्तकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
किसी भी स्थिति में निजी प्रकाशन की किताबें अनिवार्य नहीं की जाएंगी।
विद्यालय ड्रेस में अनावश्यक परिवर्तन नहीं होगा तथा कम से कम पांच वर्षों तक ड्रेस परिवर्तन पर रोक सुनिश्चित की जाएगी।
मनमानी फीस वृद्धि और अतिरिक्त शुल्कों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों के विरुद्ध पाए जाने वाले विद्यालयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और अभिभावकों के हितों की रक्षा की जाएगी।
अभिभावकों से की अपील
आंदोलन के संयोजक हरवीर सिंह भारतीय ने अभिभावकों से अपील की कि वे पुस्तकों और ड्रेस की खरीद में जल्दबाजी न करें। यदि कोई विद्यालय प्रबंधन निजी प्रकाशन की किताबें अनिवार्य करता है, ड्रेस परिवर्तन के लिए दबाव बनाता है या अतिरिक्त शुल्क वसूलने का प्रयास करता है, तो तुरंत अभियान की टीम से संपर्क करें।
हरवीर सिंह भारतीय का बयान
हरवीर सिंह भारतीय ने कहा,
“यह संघर्ष अभिभावकों और बच्चों के भविष्य की रक्षा के लिए है। प्रशासन ने जो आश्वासन दिए हैं, हम उनका सम्मान करते हैं और फिलहाल धरना स्थगित कर रहे हैं। लेकिन यदि निर्धारित समयसीमा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई या शिक्षा के नाम पर लूट जारी रही, तो यह आंदोलन पहले से भी अधिक व्यापक, संगठित और सशक्त रूप में दोबारा शुरू किया जाएगा।”
प्रशासन की सकारात्मक पहल और ठोस आश्वासन को ध्यान में रखते हुए आंदोलनकारियों ने सर्वसम्मति से धरना स्थगित करने का निर्णय लिया। हालांकि अभियान से जुड़े लोगों ने स्पष्ट किया है कि वे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, न्याय और जनहित सुनिश्चित करने के लिए आगे भी सक्रिय रहेंगे।

Soron Live 24
Author: Soron Live 24

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