भारत बंद:यूजीसी रेगुलेशन के विरोध में ऐतिहासिक रहा भारत बंद का असर तीर्थ नगरी सोरों में

कासगंज यूपी (सचिन उपाध्याय/रवि श्रोतीय)यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए रेगुलेशन के विरोध में सवर्ण संगठनों के आह्वान पर भारत बंद का व्यापक असर कासगंज जनपद की तीर्थ नगरी सोरों में देखने को मिला। भारत बंद के समर्थन में तीर्थ नगरी का बाजार पूरी तरह बंद रहा। धार्मिक, सामाजिक संगठनों के साथ-साथ व्यापारियों और आम नागरिकों ने भी एकजुट होकर यूजीसी रेगुलेशन का विरोध दर्ज कराया।
भारत बंद के दौरान तीर्थ नगरी के प्रमुख बाजार—रामसिंह पुरा,चंदन चौक, कटरा बाजार, बदरिया बाजार, कछला गेट, लहरा रोड, बस स्टैंड सहित अन्य व्यापारिक क्षेत्र पूरी तरह बंद रहे। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और बंदी को ऐतिहासिक बताया गया।
ब्राह्मण कल्याण सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पांडे ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन सवर्ण के अधिकार पर डाका डालने जैसा है। यह उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के साथ भेदभाव करता है और उनके उत्पीड़न का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के नियम किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जा सकते और इसका विरोध जारी रहेगा।
अखंड आर्यावर्त निर्माण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेश शर्मा ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन के विरोध में सभी स्वर्ण समाज के लोगों को एकजुट होकर संघर्ष करना चाहिए। उन्होंने कहा कि तीर्थ नगरी में हुई यह ऐतिहासिक बाजार बंदी सरकार को यह संदेश देती है कि सवर्ण समाज पर किसी भी प्रकार का अन्याय या अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं गंगा सभा के अध्यक्ष कैलाश चंद्र कटारे ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन का विरोध ऐतिहासिक स्तर पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज किसी का गुलाम नहीं है और यदि समाज का उत्पीड़न किया गया तो इसका विरोध बड़े स्तर पर देखने को मिलेगा।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए रेगुलेशन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है, इसके बावजूद सवर्ण संगठनों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में भारत बंद का आह्वान किया गया था, जिसका तीर्थ नगरी सोरों में व्यापक और प्रभावी असर देखने को मिला।
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Author: Soron Live 24

