डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स ने प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ डीएम को सौंपा ज्ञापन।
कासगंज। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स के पदाधिकारियों ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ जिलाधिकारी मेधा रुपम को ज्ञापन सौंपा है। अभिभावकों का आरोप है कि निजी स्कूल संचालक हर साल पाठ्यक्रम बदलकर और फीस में अनियंत्रित वृद्धि करके उनका आर्थिक शोषण कर रहे हैं।
जिलाधिकारी मेधा रूपम को दिये ज्ञापन में एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स के पदाधिकारियों ने बताया कि स्कूल प्रबंधन चुनिंदा दुकानों को किताबों का ठेका देकर अभिभावकों को वहीं से सामान खरीदने के लिए मजबूर करता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2018 में स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय शुल्क निर्धारण अध्यादेश लागू किया था, लेकिन स्कूल संचालक इसका खुला उल्लंघन कर रहे हैं। अभिभावकों ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2015-16 को आधार मानकर फीस तय की जानी चाहिए, लेकिन 2025-26 तक फीस लगभग दोगुनी हो गई है। हर साल पाठ्यक्रम बदलने का कारण स्पष्ट नहीं है। स्कूल प्रबंधन प्राइवेट प्रकाशकों से कमीशन लेकर किताबें बदलवाते हैं। छोटे बच्चों की किताबों की कीमत 3000 से 10000 रुपये तक है। पतली-पतली किताबों की कीमत 250 से 500 रुपये तक है। अभिभावकों का कहना है कि यह सिर्फ उनका आर्थिक शोषण है। उन्होंने जिलाधिकारी से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान संभव जैन, मयंक बिरला, गौरव वर्मा, प्रियांशु अग्रवाल, अक्षत अग्रवाल, शुभम ठाकुर, विधान चौधरी, पारस गोयल, अंकित वशिष्ठ, तनुज राठौर, आयुष अग्रवाल, सजल अग्रवाल, अभय तायल, निमिष अग्रवाल, परीक्षित अग्रवाल, सूर्यांश अग्रवाल, एकांश अग्रवाल, माधव माहेश्वरी, सूर्यांश अग्रवाल, वैभव गुप्ता, उत्कर्ष अग्रवाल आदि लोग मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन-जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स के पदाधिकारीगण।

Author: Soron Live 24



