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आंवला एकादशी:श्रद्धालुओं ने लगाई तीर्थ नगरी सोरों की पंचकोशी परिक्रमा

 

कासगंज:भगवान वाराह मंदिर आदितीर्थ शूकरक्षेत्र धाम, सोरों जी की रंगभरनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने लगाई पंचकोशी परिक्रमा।

 

शूकर क्षेत्र धाम, सोरों जी पंचकोशीय परिक्रमा अमलकी रंगभरनी एकादशी को भगवान वाराह मंदिर से हर की पौड़ी गंगा जी में स्नान कर भगवान वराह का पूजन अर्चन करने के उपरांत शूकर क्षेत्र पंचकोशीय परिक्रमा प्रारंभ हुई रंगभरनी एकादशी के अवसर पर आदितीर्थ शूकरक्षेत्र धाम, सोरों जी में आयोजित परिक्रमा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने विभिन्न स्थलों पर पूजा-अर्चना की और प्रसादी वितरित की। इस परिक्रमा में महिलाओं और पुरुषों ने समान रूप से भाग लिया और अपनी श्रद्धा और भक्ति का प्रदर्शन किया।
रंगभरनी एकादशी के महत्व को बताते हुए संयोजक शरद कुमार पांडे ने कहा कि आमलकी एकादशी 2025: फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे आमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है, हिंदुओं के लिए सबसे पवित्र अवसरों में से एक है। भक्त इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का सम्मान करते हैं, उनका दिव्य आशीर्वाद मांगते हैं और कई लोग उपवास भी रखते हैं।
शिव-पार्वती के गौने का पर्व है रंगभरी एकादशी
यह दिन शिव-पार्वती के मिलन उत्सव के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव अपनी अर्धांगिनी माता पार्वती को नगर भ्रमण कराते हैं और इसी खुशी में श्रद्धालु अबीर-गुलाल उड़ाकर होली मनाते हैं।

इस परिक्रमा में भाग लेने वाले सभी श्रद्धालुओं को पुण्य लाभ अर्जित करने का अवसर मिला और उन्हें अपनी श्रद्धा और भक्ति करने का मौका मिला।
शूकर क्षेत्र समाज सेवा ट्रस्ट संयोजक एवं ब्राह्मण कल्याण सभा संस्थापक अध्यक्ष शरद कुमार पांडे ने बताया रंगभरनी एकादशी 10 मार्च 2025 दिन सोमवार को प्रातः 8:00 परिक्रमा प्रारंभ होकर श्री गंगा जी की परिक्रमा करते हुए सूर्यकुंड, दूधेश्वर, साध्वी रत्नावली समाधि स्थल होते हुए बटुक भैरव मंदिर जयदेवी पीठ होते हुए ग्राम देवी मंदिर गोस्वामी तुलसीदास जन्म स्थान मंदिर होते हुए 84 घंटे वाली मां पर प्रस्थान किया उसके बाद शेडू नगरा होते हुए बाक्षरू महाराज से परिक्रमा का अगला पड़ाव सीता रसोई पर रहा सीता जी की रसोई राम दर्शन महेरे ओमप्रकाश मौर्य नीरज तिवारी पूरन श्रीवास्तव मुस्कान जितेंद्र दीक्षित राम गोविंद आकाश महेरे आकाश एवं उनके साथियों ने खीर का भोग लगाकर खीर की प्रसादी श्रद्धालुओं को वितरित की सीता जी की रसोई से होते हुए भक्तों द्वारा ममता देवी भवन प्रेम जी की बगीची पर श्री गंगा बारहा महासभा अध्यक्ष सुनील तिवारी मुकेश भाग एवं श्रद्धालुओं द्वारा जलपान की व्यवस्था कराई गई वहां से सिंगलवाले महाराज पर विश्राम रहा महाराज पर गिरीश पाठक अशोक धमनावत कललू रोंगटा एवं श्रद्धालुओं द्वारा फलाहार की व्यवस्था सभी श्रद्धालुओं को कराई गई उसके बाद करूआदेव महाराज होते हुए बनखंडेश्वर महादेव पर बंखंडेश्वर भागीरथी सेवा समिति के नेक्स् प्रधान राधे मोहन झा सोमदत्त पाठक अतुल निर्भय एवं श्रद्धालुओं ने प्रसादी वितरण की वहां से कपिल मुनि आश्रम ,भागीरथ गुफा होते हुए चैतन्य महाप्रभु जी की बैठक के बाद अगला पढ़ाव काला गोरा भैरव बाबा मंदिर के बाद पंचकोशीय परिक्रमा भगवान वराह मंदिर पर पूर्ण हुई पंचकोशीय परिक्रमा समिति के सदस्यों ने बताया परिक्रमा में हजारों श्रद्धालु श्रद्धा भाव रखते हुए हर कीर्तन करने के साथ-साथ श्रद्धाल झूमते हुए नजर आ रहे थे श्रद्धा के रूप में साक्षात परमेश्वर के दर्शन हो रहे थे पंचकोशीय परिक्रमा में मुख्य रूप से पंचकोशीय परिक्रमा में ग्राम डोरई तकुआवर नगला खांजी पटकियां सलेमपुर बीबी दरवापुर कासगंज एटा बदायूं उगहती जिला बदायूं होडलपुर सहित अनेक माताएं बहनों ने पंचकोसी परिक्रमा में प्रतिभाग किया संयोजक शरद कुमार पांडे ने एकादशी के बारे में बताते हुए कहा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत किया जाता है। हर महीने पूर्णिमा के 11 दिन बाद और अमावस्या के 11 दिन बाद आने वाले दिन को एकादशी कहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु का पूजन और व्रत करने से घर में सुख-समृद्धि आती है, सभी पापों का नाश होता, मोह-माया के बंधन खत्म हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने विभिन्न स्थलों पर पूजा-अर्चना की और प्रसादी वितरित की। इस परिक्रमा में महिलाओं और पुरुषों ने समान रूप से भाग लिया और अपनी श्रद्धा और भक्ति का प्रदर्शन किया।
संयोजक शरद कुमार पांडे ने बताया कि एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु का पूजन और व्रत करने से घर में सुख-समृद्धि आती है, सभी पापों का नाश होता, मोह-माया के बंधन खत्म हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
परिक्रमा में मुख्य रूप से शरद कुमार पांडे, शिवानंद उपाध्याय, शशांक दीक्षित, रामदयाल वर्मा, खूब सिंह, नेम सिंह, लाखन सिंह, राजकुमार गॉड, भगवान सिंह, प्रवीण कुमार द्विवेदी, अशोक कुमार पांडे, दिनेश कुमार गुप्ता, सुरेंद्र महर, रामवीर, राधा गोविंद, दिल्ली बाली, अनुराग तिवारी, कानूनी जयवीर, वकील साहब, गीतम सिंह, महात्मा प्रहलादपुर, उपेंद्र उपाध्याय, महावीर, ऑपरेटर प्रदीप उपाध्याय, रामकिशोर, लेखराज, वासुदेव, पूजा रामादेवी, ओमवती, कविता, काजल, कल्पना, मनोज, गगन, दुष्यंत, करण, गोविंद, गोपाल तिवारी, कीर्ति पांडे, सुशील जी, प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राधा कृष्ण, विजय, राधे मोहन झा, भरत शर्मा, आशीष भारद्वाज, शैलेश यादव, सोनू पंडित, सौरभ दुबे, विनोद दीक्षित सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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Author: Soron Live 24

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