मोहिनी हत्याकांड में तीन अधिवक्ता सहित एक एलएलबी छात्र गिरफ्तारफोटो:पुलिस अभिरक्षा में चारो आरोपी
फोटो:न्यायालय के बाहर खड़ी पुलिस।
पुलिस ने चारों लोगों को किया न्यायालय के समझ पेश
सीजेएम ने चारों को भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में।
कासगंज। जनपद कासगंज में महिला वकील मोहिनी तोमर हत्याकांड में पुलिस ने शनिवार को तीन अधिवक्ताओं सहित एलएलबी छात्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद न्यायालय में पेश किया जहां भारी हंगामें के बीच सीजेएम कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
आपको बता दें कि बतादें कि कासगंज कोतवाली के नदरई गेट स्थित माधोपुरी कॉलोनी की रहने वाली महिला अधिवक्ता मोहनी तोमर पत्नी बृजतेंद्र तोमर बीती 3 सितंबर अपने आवास से न्यायालय परिसर गई हुईं थी। बाद में उन्होने अपने पति विजतेन्द्र तोमर को फोन कर न्यायालय परिसर बुलाया, जहां से महिला अधिवक्ता मोहनी तोमर अपने पति विजतेन्द्र तोमर के साथ किसी कार्य से जिलाधिकारी कार्यालय चली गई। जिलाधिकारी कार्यालय से बापस होते समय महिला अधिवक्ता के पति उनको न्यायालय परिसर के गेट के बाहर छोड कर अपने आवास को चले गये। देर शाम तक महिला अधिवक्ता मोहनी तोमर जब अपने घर नहीं पहुंची, तो उनकी खोजवीन शुरू की, किसी प्रकार का सुराग न मिलने पर किसी अनहोनी की आंशका से ग्रसित पति विजतेन्द्र तोमर ने कासगंज कोतवाली में अपनी वेदना व्यक्त करते हुए लिखित शिकायत दर्ज की। पुलिस महिला अधिवक्ता की तलाश कर ही रही थी, तभी सहावर कोतवाली क्षेत्र के गांव रजपुरा के निकट गोहरा नहर में मोहनी तोमर का छत विछित व पूर्ण निवस्त्र अवस्था में का शव पडा हुआ मिला, हालांकि पुलिस प्रशासन ने देर रात मे ही शव का पोस्टमार्टम कराकर गुरूवार को पुलिस की कडी सुरक्षा के मध्य कछला गंगा घाट पर परिजनों एंव आला अधिकारियों की मौजूदगी मे शव अतिंम करा दिया, वहीं अंतिम संस्कार के बाद मोहनी तोमर के पति जितेंद्र तोमर ने कासगंज तिरंगा यात्रा के दौरान चंदन गुप्ता हत्याकांड के मास्टर माइंड मुनाजिर रफी अधिवक्ता के साथ-साथ जनपद न्यायालय के क्रिमिनल अधिवक्ता मुस्तफा कामिल व उनके पुत्र असद मुस्तफा, हेदर मुस्तफा, सलमान मुस्तफा,व केशव मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जैसे ही मुकदमे की जानकारी जनपद न्यायालय में धरना प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं को हुई, तो उनमें आक्रोश पनप पनप गया। अधिवक्ताओं का कहना था कि यह पुलिस ने सोची समझी साजिश के तहत मामला दर्ज किया है। इस संबध में अधिवक्ताओं का एक डेलीगेशन ने बीती देर शाम एसपी अर्पणा रजत कौशिक से मुलाकात की और एसपी को एक प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें जांच पूरी होने तक किसी भी नामजद अधिवक्ताओं को गिरफ्तार न करने की बात कही थी। वहीं कासगंज पुलिस ने शनिवार की सुबह महिला वकील मोहिनी तोमर हत्याकांड में नामजद अधिवक्ता मुस्तफा कामिल के घर दविश देकर मुस्तफा कामिल व उनके पुत्र असद मुस्तफा, हेदर मुस्तफा, सलमान मुस्तफा को गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस ने गिरफ्तार किए आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद न्यायालय में पेश किया जहां भारी हंगामें के बीच सीजेएम कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जिसके बाद पुलिस ने भारी सुरक्षा के बीच चारों आरोपियों को जिला जेल भेजने की कार्यवाही की है।
—————-
गिरफ्तारी के विरोध मैं एसपी से मिलने पहुंचे अधिवक्ता, नहीं हो सही मुलाकात।
कासगंज। मोहनी हत्याकांड के आरोपियों में चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया और अपनी कार्यवाही शुरू की। जैसे ही अधिवक्ताओं यह जानकारी हुई वैसे ही आनन फानन में कासगंज बार एसोसियेशन की एक बैठक बुलाई गई और एक प्रस्ताव बनाकर बार के अध्यक्ष योगेश शर्मा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का दल एसपी से मिलने पहुंचा लेकिन आज संपूर्ण समाधान दिवस होने के चलते एसपी तहसील सहावर मैं जनसुनवाई कर रहीं थी लिहाजा अधिवक्ताओं की मुलाकात एसपी अपर्णा रजत कौशिक से नहीं हो पाई और वे वापस लौट आए।

Author: Soron Live 24



